रविवार, 5 फरवरी 2012

अहसास का नेटवर्क

शिक्षक ओप्हीलिअस:

आज का सबक "अहसास" के बारे में है.  अहसास से क्या मतलब है?  इस सन्दर्भ में, हम आपकी उस काबिलियत के बारे में बात कर रहे हैं जिसके द्वारा आप अपने मन के विमान में उड़ कर, आपके आसपास जो कुछ हो रहा है महसूस कर सकें और आप अपने पडोसी, समाज, और देश के लोगों की मनोभावना और मानसिक हालत का के बारे में जागरूक हो सकें - ताकि आपको मानवता की भावना का पुरे तौर से पता चल सके. 

ऐसा तभी होता है जब एक ग्रह "लाइट और लाइफ" की उम्र में प्रवेश करता है, ग्रह के निवासी जागरूक होने लगते हैं और वस्तुओं और सभी प्राणी को आदर से देखते हैं. यह एक उच्च श्रेणी संवेदी प्रत्यक्ष ज्ञान है जो शरुआत में थोड़े से लोगों से शरू होकर, सृष्टिकर्ता की मदद से, एक कली की तरह आपकी चेतना में खिलने लगता है.  अभी इस समय, 2012 के वर्ष में आपका ग्रह "निर्माण की अवस्था" में है और यह उन छात्रों के लिए जो इस निर्माण के रस्ते में हैं, जरूरी है की आप इससे अवगत हो और इसको पोषित करें. 

धरती माँ उरंशिया भी इस "निर्माण की अवस्था" में है और उनमे और आप में भी परिवर्तन हो रहा है, और आप आपकी सोच से कहीं ज्यादा उनसे जुड़े हुए हैं.  उनके "न्यूरल नेटवर्क" में रूप-परिवर्तन हो रहा है - एक कंप्यूटर में हार्डवयेर के बदलाव की तरह, जिससे मानवता की नवचेतना जैसे नए सोफ्टवयेर चलाये जा सकें.  आपमें से बहुत से लोग बहार की दुनिया में इस बदलाव को देख नहीं पाएंगे क्योंकि आपकी आखों को इन फ्रीक्वनसीओं को देखने की आदत नहीं है, लेकिन मेरे दोस्तों आप इसको अपने अंदरूनी दुनिया में महसूर करोगे, और आखिरकार जो अंदरूनी दुनिया में है वो बहार की दुनिया में भी दिखाई देगा.

आप इस न्यूरल नेटवर्क को टैप करने की शरुआत कैसे करें? आप अपनी चेतना के बारे में चेतनादार रहें.  आप अपने व्यस्त मन को खुश क्षण के लिए रोकें, और अपने मन की शक्ति से यह जानने की कोशिश करें की बाकि लोग कैसा महसूस करते हैं, और कैसे प्रतिक्रिया करते हैं.  आपके संपर्क में जो भी आपके भाई-बहन हैं उनके लिए प्रार्थना करें और सृष्टिकर्ता से जुड़ कर यह मांग करें की उनको भी जगाया जाये और जो नयी फ्रीक्वनसी आ रहीं हैं उनसे संबंध स्थापित किया जाये.  आपसे दिनभर में जितना हो सके, उतना बीमार और जरूरतमंदों, जितने भी लोगों के बारे में आपको पता है, उनके के लिए प्रार्थना करें.  

जब आपकी मन से खोज, भावना, और प्रार्थना करने की प्रक्रिया आपके दूसरा स्वाभाव बन जाता है, उन सभी के लिए जिनको आप जानते हैं, तब आपका न्यूरल नेटवर्क बढने लगता है और दुसरे और लोगों से जोड़ता है - जो पूरी तरह से कटे हुए हैं. यह पवित्र आत्मा का सिर्किट ही है जो आपके साथ मिलकर, जब आप अपनी आत्मा को  चेतन मन से असंबंधित लोगों से जुड़ने की कार्यवाही करने की अनुमति देते हैं, तब यह सिर्किट इस नेटवर्क को बढाने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है. 

इसी तरह हम "यहाँ" से "वहाँ" पहुँचते हैं और इसी तरह ही एक ग्रह का असभ्यता से "लाइट और लाइफ" की दुनिया में परिवर्तन होता है.  सामजिक बदलाव इसी "अहसास" के नेटवर्क का बाहरी रूप है.  यह छोटे छोटे गुटों, देशों में बढ रहा है लेकिन अभी भी यह टुकड़ों में ही है, लेकिन जल्दी, बहुत जल्दी यह छोटे छोटे जागरूकता के द्वीप दूसरों से जुड़ना शरू करेंगे - ऐसे समय में उरंशिया में जीवित रहना बेहद रोमांचकारी रहेगा.


आप के लिए मन की शान्ति 

सात चक्र






















Original Source: The Feeling Network

भावना : निपुण कौन है?

शिक्षक ओप्हीलिअस:

आज का सबक मन की भावना के बारे में है - यह काफी रहस्यपूर्ण और सबसे अधिक गलत समझने वाला आपके चरित्र का हिस्सा है, इस बहुमूल्य वस्तु के स्वस्थ संतुलन का क्या मतलब है जो अक्सर आपसे कुछ न कुछ काम करवाता है और आपके जुनून में ईर्धन भरता है.  मैं इस शब्द को "अनमोल" कहूँगा क्योंकि बाकि दुनियाओं के लोगों के चरित्र में से यह शब्द लगभग गायब ही है और जिनके पास यह है, वो अपने आपको "गुणी" मानते हैं.  लेकिन उरंशिया (पृथ्वी) में लोगों के व्यक्तित्व में इस भावना की कोई कमी नहीं है जो कभी कभी बार असंतुलित हो जाती है और जो इसके वश में होते हैं उनको तरह तरह के दुख पहुंचाती है, और कुछ लोग इसके नकारात्मक असर की वजह से गलत प्रतिक्रिया करते हैं - वही आपकी दुनिया में दुखों का कारण है.

भावना को वश में करना आपके व्यक्तित्व के लिए सबसे कठिन कार्य में से एक है, और इसके साथ ही यह आपके मन के सबसे ज्यादा धन्य समारोह का हिस्सा है जो आपको प्यार की सुन्दरता, ख़ुशी, दया, उत्साह, हंसी, और काफी कुछ महसूस करने की अनुमति देता है.  और अगर नकारात्मक पक्ष से इसे देखें तो इसमें भय, क्रोध, निर्णय, गौरव, स्वार्थ, नाराज़गी जैसी ढेर सारी भावनाएं हैं.

आप में से कई लोग, जब आपके सुविधा के क्षेत्र में कोई घुसपैठ होती है, तो आप इसी भावना को "जानने के उपकरण" के रूप में इस्तेमाल करते हैं - "वास्तविक सोच" के बदले में एक बैसाखी, जिसका उपयोग आपको तब करना चाहिए जब आप शीघ्रता से स्थिति का सभी तरफ से मुआइना कर सकें ताकि आपके मन की प्रितिक्रिया का परिणाम आपको एकदम से मिले, और इसीलिए आप इस भावना के गुण का उपयोग बुद्दिमानी से स्थिति के अनुसार ही करें.  जो घटनाएं (जैसे प्यार, ख़ुशी और हंसी) आपको "अच्छा अहसास" कराती हैं, उनकी तत्क्षण प्रितिक्रिया में बुद्धिमानी है, और ऐसी घटनाएं जो हमारी उमीदों और विश्वास में घुसपैठ करती हैं उनका बिना ठीक से विचार विमर्श किये बिना कोई भी प्रितिक्रिया करना मुर्खता है, जिसकी लापरवाही की वजह से आपको और दूसरों को नुक्सान हो सकता है.

इन भावनाओं की जटिल प्रणाली में स्वः महारत हासिल करना एक कला है.  हमारी आदतें, बार बार सोच-विचार और क्रिया, किसी कुचले हुए रास्ते की तरह हमारे मस्तिष्क की नसों के रास्तों को "जला" देते हैं और जब यह आपके व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाती हैं  तब आदतों में कोई भी परिवर्तन करना मुश्किल हो जाता है. अक्सर काफी मुश्किलों के साथ ही हम इन दर्द भरे रास्तों से हट कर, कम दर्द वाले किसी "बेहतर" रास्ते को ढूंढ पाते हैं.  यह एक सीखने की प्रक्रिया है, जिसके बावजूद भी आपमें से कई लोग अहंकार या वास्तविक सोच से बचने के लिए सीखने से मना कर देते हैं और वही दर्द भरे (नकारात्मक प्रकार के) अनुभवों को दोहराह के आपने आपको बर्बाद कर रहे हैं.

आईये हम एक सकारात्मक और नकारात्मक स्थिति के बीच के अंतर को पहचानें, और बुद्धिमानी से सकारात्मक प्रतिक्रियाओं का तत्क्षण और नकारात्मक प्रतिक्रियाओं का मन की गहराई से सोचने के बाद ही अपने होठों से कुछ कहें.  वह जो मन को वश में करने में निपूर्ण है, एक शहर को वश में करने की तुलना में कई गुना बड़ा है.


आपके लिए मन की शान्ति

सात चक्र



























Original Source:  Emotion: Who is Master?

एक बच्चे-की-तरह विश्वास


सुप्रभात प्रिय, 

मैं शिक्षक ओप्हीलिअस और साथ चक्र, इस शांत रविवार की सुबह, मैं तुमसे कुछ बोलना चाहता हूँ. आजका सबक एक "बच्चे-की-तरह" विश्वास के बारे में है.  एक बच्चे-की-तरह विश्वास का क्या मतलब है?  जब स्वामी ने कहा था की स्वर्ग में प्रवेश करने के लिए आपको एक बच्चे के रूप में और बच्चे की तरह विश्वास की आस्था लेकर आना पड़ेगा - इसका क्या अर्थ है? इस पाठ को आप मेरे मोक्ष के पाठ के सन्दर्भ में ही मानिए. मोक्ष पाने के लिए आपका विश्वास एक बच्चे के विश्वास की तरह होना जरूरी है.

हमने एक बच्चे का उदाहरण शगुन के तौर पर उन आवश्यक गुणों पर प्रकाश डालने के लिए किया है जो मोक्ष के लिए जरूरी हैं.  जब एक बच्चा अपने माता पिता से बात करता है तो वो बिना किसी शक के उसको बताई गयी बात को सच मान लेता है और उसके विपरीत कुछ भी नहीं सोचता.  बच्चे को लगता है की जो भी उसके माता पिता ने कहा है वही सत्य है और यह किसी अच्छे उदेश्य से ही कहा है, चाहे वो उसका मतलब पूरी तरह से समझे या ना समझे.

तो क्या यह भी सही है की पुन: जनम लेना वाला भी अपने पिता की बात को सच मानेगा, जो पिता पिछले जन्म में उसका बेटा था, और वो खुद उसका पिता था, वो यह मानेगा की यह सच किसी अच्छे उद्शेय के लिए है?  आपको यह आरोहण योजना सम्पूर्ण रूप से समझ में नहीं आ रही ना?, लेकिन आध्यात्मिक रूप से समझने से यह बेहतर समझ में आएगी.  लेकिन यह है की - उद्धार का माध्यम ही स्वर्ग के साम्राज्य में जाने की कुंजी है.  जब हम अपने अंतर्मन की आत्मा को, एक बच्चे के विश्वास के तरह, इस साम्राज्य के बारे में सच बताने की अनुमति देते हैं, तभी हम बिना किसी संकोच के इस अनन्त जीवन की सच्चाई को स्वीकार कर सकते हैं. बेटे को आध्यात्मिक रूप से जानने से, पिता के निवास में हमारे लिए जगह तैयार हुई है.  मैं जिस कारण से "प्रिय" बोलता हूँ उसकी वजह यह है की मैं पिता के निवास में हूँ और उसकी महिमा मेरे चारों ओर है, इसके बावजूद भी अभी तक मुझे आरोहण योजना के बारे में सिर्फ मामूली सा पता है लेकिन मेरा विश्वास है की एकदिन मुझे सब पता होगा.

हम कैसे अपने सभी संदेहों को एक तरफ रखकर, और दिल खोल कर सत्य के प्रकाश, के लक्ष्य की ओर आयें? इस "वस्तु" की दुनिया के भ्रमजाल और निराशा से दूर रहकर एक शिशु की तरह रोते हुए मार्गदर्शन के लिए आवाज़ लगाइए - एक नया और बेहतर तरीका.  अक्सर यह निराश दिल ही अपने व्यर्थ रास्तों से तंग आकर, बेहतर रास्ता दिखने के लिए, एक बच्चे की तरह विश्वास और विनम्रता लेकर बहार आता है.  तो आपने देखा, एक बच्चे-की-तरह विश्वास पाने के लिए, अपना घमण्ड छोड़ कर विनम्रता का लिबास पहनने की जरूरत है - ताकि आप पिता के पास आ सकें और यह कहें "अब्बा - मेरा मार्गदर्शन कीजिये".  वह काफी वफादार है और अपने उन बच्चों के रोने की आवाज़ सुनने के लिए, उनके कान हमेशा खुले रहते हैं जो एक बच्चे-की-तरह आस्था लेकर पुकारते हैं.

आप, उरंशिया के अग्रोंदोंतर्स (Agrondonters) - जो बिना देखे विश्वास करते हैं, ऐसी विपरीत परिस्तिथों से गुजरने के बावजूद भी आपका विश्वास एक बच्चे-के-विश्वास की तरह पक्का है, इसके लिए आपको पुरस्कृत किया जायेगा, आप इस पृथ्वी के नमक और अँधेरे में प्रकाश हैं - आप बच्चे हैं - आप इस ब्रह्माण्ड के पिता के पुत्र हैं. मैं तुम्हारे इस दृद संकल्प की उन लोगों के सामने जो तुम पर और पिता पर शक करते हैं, सराहना करता हूँ.  इन लोगों के लिए अगली दुनिया में उनके लिए रास्ते और भी कठिन होंगे - जिन लोगों ने पहली बार शक किया है उनके लिए यह आखरी शक होगा, और जिन्होंने सबसे कम शक किया होगा, वो साम्राज्य में महानतम होंगे.  ओ मेरे बच्चों, अगर तुम ध्यान पूर्वक देखो जो मैं अपनी आँखों के सामने देख रहा हूँ, इस स्वर्गीय निवास का चमत्कार -  अगर तुम इसकी सुन्दरता और आत्मिक जीवन की भव्यता की एक झलक देख लो तो तुम्हारे मौत के डर ख़तम हो जायेंगे और तुम्हारे बिलकुल भी आसूं नहीं निकलेंगे जब तुम्हारे सामने तुम्हारा अपना कोई मृत्यु को प्राप्त होगा.  तुम एक बच्चे की तरह उत्साह के साथ भागते हुए जाओगे और सबको बताओगे की तुमने ध्यान से देखा है और जो सच उसमे छुपा हुआ है.  तुम्हारे जीवन में एक नया जोश और अर्थ शामिल हो जायेगा, और तुम उस दिन के बाद से पिता के व्यवसाय को अपना व्यवसाय, और पिता की इक्षा को अपनी इक्षा और आपसी भाईचारे को अपनी महत्वाकांक्षा बना लोगे.

यह इस वस्तु की दुनिया का ही भ्रम है जो एक बच्चे की तरह विश्वास में बाधा डालता है, लेकिन यह भगवान् की सृष्टि की योजना का एक अनिवार्य हिस्सा है - यह तुम्हारी शरुआत है, यह शरीर जो भगवान् से काफी दूर है, लेकिन फिर भी भाई की तुलना में उनसे काफी करीब है. वह उरंशिया के हर आदमी, औरत, बच्चों दिलों के भीतर रहता है और उसने तुमको स्वर्ग में घर ले जाने के लिए दृद संकल्प किया है. तुम केवल अपने जीवन को प्यार से जियो और उसका आनंद उठाओ.


आपका दिन शुभ हो.

सात चक्र

































Original Source:  A Lesson on Child-like Faith

2012 नववर्ष की बधाई

शिक्षक ओप्हीलिअस:

2012 के इस नववर्ष में आप सभी छात्रों को बधाई. जो लोग प्यार और एकता के मार्ग पर चल रहे हैं उनके लिए विशेष रूप से यह वर्ष काफी रोमांचक रहेगा.  आपकी दुनिया में इस वर्ष आध्यात्मिक दबाव और भी तेज़ होगा और बहुत से लोग यह पायेंगे की, जितना ज्यादा से ज्यादा वे अपने मन को केन्द्रित करंगे उतना ही ज्यादा इस दुनिया को सही रूप से समझने की उनकी क्षमता बढेगी.  जो लोग भय और आभाव में रहते हैं उनको बहुत सी बातों से डर लगेगा, वो भी ठीक होने की काफी कम उमीदों के साथ, लेकिन जो लोग प्रेम और सेवाभाव के मकसद से जीते हैं, वो और भी ज्यादा प्रेम पाएंगे और उनके पास इस ब्रह्माण्ड के सवालों के जवाब देने, उसको बढावा देने, और खुद की रक्षा के काफी अवसर मिलेंगे.  प्यारे दोस्तो, शांति और प्रेमभाव की मानसिकता में रहो.  किसी अच्छे काम में मन लगाओ और विश्वास कीजिये, आपकी उम्मीद से कहीं ज्यादा, सब रास्ते अपने आप खुल जायेंगे.

आप में से कई लोग नववर्ष में कुछ ना कुछ संकल्प करते हैं, तो में यह समझाना चाहूँगा कि कम से कम यह दो बातें हमेशा ध्यान में रखें:  एक तो मन और शरीर दोनों को स्वस्थ रखें और दूसरी एकांत में बैठ के ध्यान लगाने कि कोशिश को दोगुना कर दें.  उन सभी छात्रों के लिए शिक्षक उपलब्ध हैं जो उत्सुक्ता से मार्गदर्शक की इक्षा रखते हैं. आपकी दुनिया में बदलाव तभी आ सकता हैं जब आप खुद इस बदलाव का हिस्सा हों, और इसके लिए आप जो कुछ भी करना चाहें उसमे हम आपकी पूरी मदद करने के लिए तैयार है. मदद के लिए पुकारो और वो दी जाएगी.

क्योंकि परिवर्तन की इक्षा का प्रचार और भी तेज़ होगा, मै आपको यह समझाना चाहता हूँ की आप निगरानी रखें की आखों और कानों के माध्यम से आपके मन में क्या जा रहा है. नकारात्मक और भय से स्पष्ट रहें और अपने आपको सत्य, सौंदर्य और अच्छाई से चारों तरफ से घेर लें.  यदि रिश्ते आपके लिए नकारात्मक और विवाद की जड़ हैं तो शायद अपने आपको इन जहरीले रिश्तो से अलग कर लें और अच्छे लोगों की तलाश करें. अगर आपको टीवी पर बुरी खबरें देखने या रेडियो पर सुनने से अपने भविष्य के बारे मे डर लगता है तो आप वो उपकरण बंद कर दें जो आपके मन मे नकारात्मक विचार लाते हैं. आपके लिए मेरी एक भविष्यवाणी है जो मुझे पक्का विश्वास है की वो सफल होगी, और वह है: दुनिया इस साल ख़तम नहीं होगी!  मेरे मित्रों अपने सपने को सच करने के लिए आगे बढते रहो और इस दुनिया को एक बेहतर जगह बना लो.

यह साल आपके लिए शांति, प्यार और बहुत कुछ लेके आये. जबतक आप यहाँ हैं, अपने जीवन की बहुमुल्यता और अपने समय के मूल्य के प्रति जागरूक रहे. प्रत्येक क्षण और हर चीज़ों मे आपको आनंद मिले. जबतक आप यहाँ हैं आप हर "हकदार" कोशिश करते रहें, जो कामयाब होंगे सिर्फ वही मृत्यु के बाद भी जीवित रहेंगे, बाकी सबका इस शरीर के अंत के साथ नाश हो जायेगा.  मेरे दोस्त, जीना, प्यार, हँसना, सीखना, सिखाना, प्रार्थना करना, घाव भरना, और देना - यह सब हकदार कोशिश मे आते हैं, और जो भी कुछ इन सब श्रेणियों मे नहीं है किसी भी चीज़ का हकदार नहीं है.

सात चक्र में हम सबकी तरफ से जो आपके मार्गदर्शक और संरक्षक हैं, हम चाहते हैं की आने वाले वर्ष में आप अच्छा काम करें और खूब सफल हों.


उरंशिया के निवासिओं के लिए नववर्ष मंगलमय हो.

सात चक्र



















Original Source: 2012 New Year Greetings